कोलकाता, 10 फ़रवरी। पश्चिम बंगाल पुलिस ने कथित मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता हुमायूं कबीर के एक रिश्तेदार से जुड़ी करीब 11 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क (अटैच) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक धृतिमान सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुल 14 संपत्तियों—जिनमें जमीन, मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं—को कुर्क किया जा रहा है। इसके अलावा 15 बैंक खाते और कुछ वाहन भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्ती की कार्रवाई में शामिल हैं। ये संपत्तियां मुख्य रूप से मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला क्षेत्र के नालदहारी समेत विभिन्न स्थानों पर स्थित हैं। पुलिस के अनुसार, कबीर की बेटी के ससुर शरीफुल इस्लाम की इन संपत्तियों पर कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि आरोप है कि ये संपत्तियां पिछले कई वर्षों में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित की गईं। निचली अदालत के आदेश के बाद जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है और जांच पूरी होने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी। पुलिस ने बताया कि नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दर्ज मामले में करीब 10.73 करोड़ रुपये मूल्य की 14 संपत्तियां आय के ज्ञात स्रोतों से असंगत पाई गई हैं। जब्ती की कानूनी प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू हुई थी, जबकि आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद सोमवार से कार्रवाई तेज की गई। यह कार्रवाई पिछले वर्ष 25 मार्च को शरीफुल इस्लाम के एक रिश्तेदार जियाउर रहमान की गिरफ्तारी के बाद हुई, जिन्हें कथित तौर पर लगभग 500 ग्राम मादक पदार्थ के साथ पकड़ा गया था। जांच में तस्करी से जुड़े तार सामने आने पर संपत्तियों के स्रोत की जांच शुरू की गई। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने आरोपों को खारिज करते हुए पुलिस कार्रवाई को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया। उन्होंने कहा कि उनके बेटी के ससुर वैध व्यवसाय—जैसे ईंट भट्ठा और जमीन कारोबार—से जुड़े हैं और वे इस कार्रवाई के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट जाएंगे। वहीं कबीर की बेटी नाज़मा सुल्ताना ने भी परिवार को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बताया और कहा कि शरीफुल इस्लाम का गिरफ्तार आरोपी से कोई कारोबारी संबंध नहीं है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि मामला कबीर के पार्टी से अलग होने से पहले दर्ज हुआ था और इसमें पार्टी की कोई भूमिका नहीं है।
निलंबित तृणमूल नेता के रिश्तेदार से जुड़ी 11 करोड़ की संपत्तियां कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू






